70 / 100

बेहतरीन-हिंदी-शायरी

मेरे जखमोपे मलम कोण लगाये
मेरे जनाजे पे कफन कोन सजाये
इतना अकेला हो चुका हू मै
मेरे जनाजे पे आसू कोन बहाये

कुछ कहना चाहते है हम आप से
दिल कहने इजाजत दे राहा है
दिमाग रुक जाने की सला
रुका जाय या कहा जाय
या युही समय पर छौङ दिया जाय

प्यार हुआ है इजार अभी बाकी है
मिलला है पर चुमना अभी बाकी है
सात निभाना है पर शादी अभी बाकी है
तेरे सात मरना है पर जीना अभी बाकी है

मै उलझा राहा हु मुझे सुलझा ने की कोशिश कर लो
मेरे राह के काटो को कमल के फुल समजो
मेरे ना काम्याबी को मेरी काम्याबी समजो बस
मै उलाझा मुझे सुलझा ने की कोशिश कर लो

यु उखडे उखडे क्यू रहते हो
हमसे भी मिलने की कोशिश किया करो
हमसे ना यु नजरे चुराया करो
थोडी बाते भी हमसे किया करो

मेरी मौहबत को इतना कमजो ना समजो जानेमन
ये मोहबत नही विधी का विधान है
तु लाख दुर हो जाये मुझसे
तेरा मेरा मिलना यही तो मेरी जीने की आखरी आस

बोहौत जिगरा लगता है शादी मे
मोहबत के सात तसबीर किचाने मे
ऑखो के ऑसु छुपाने मे
चेहरे पे मुसकान सजाने मे
मोहबत को किसी के हातोमे सोपने मे
जनाजा खुद का खुद सजाने मे
आज हमने व जीगरा किया है

परायो से क्या शिकवा करे अकसर
करिभी ही पीट मे खंजय घोपा करते है
दुश्मनो से क्या उमीद करे अकसर
बरबादी पे अपने ही हसा करते है

मै जिदगी मे दुआये कमाने आया हु
अपनो की शाहिदी देने आया हु
खुद को लुटा कर ओरोको बनाने आया हु
क्युकी मै जिदगी मे सच का सात निभाने आया हु

मे तेरा हु ये मेरा तेरे पे कर्ज है
मौहबत करना तो तेरा फर्ज है

दुश्मनो को दर्द का गुनेगार ना समजा करो
दर्द तो मोहोबत करने वाले दिया करते है
परायो से शिकवा क्या करना
असर प्यार करने वाले ही पराया किया करते है

किस्मत का लिखा कोही बदल नही सकता
जिसे मिलना है जिदगी मे उसे कोही रोक नही सकता
छिने वाले लाख हो मगर किस्मत का कोही छिन नही सकता
जिना हो किस्मत मे तो कोही मार नही सकता

यु झखमो को ना कुरेदो मौहबत की याद दिला कर
बिता हुये कल की यु बाते ना करो
भुले है हम उन लहमो को भोहोत ऑसु बाहाकर
यु ही ना जगावो उ जसबातो को यु ऑख मिलाकर

मौहबत की बात ना याद दिलाया करो
मौहबत को छोड के इक अरसा हो गया है हमे
क्या बताये क्या क्या लुटा है मौहबत के नाम पे हमसे
इतना लुटा है हमे की जिदगी नासुर बन गइ है
अब तो येसे हालात है मौहबत से ङर लगने लगा है हमे

जिदगी के मजे लो जेब मे पैसे हो या ना हो

लोग कहते है दोस्ती नशा , वफा, आबादी , बरबादी है
मै कहता हु दोस्ती जिंदगी जीने की वजा है

संमदर सब पचा लेता है पर
सुनामी मे सब बहा ले जाता है

यु फीजुल की बातो मे जिंदगी को ना गवावो
जिंदगी को जिंदगी के मकसद तक पहुचावो

मै खुद को खुदा समजने लगा था
पर मुझमे मे खुदाई ना थी
मै उसको बे वफा समज रा था
पर उसे हमसे वफा ना थी

पुरी दुनिया की सुने वाला उसकी भी कोही सुन ले
औरो की मदत करने वाला उसकी भी कोही मदत करदे

हाल येसे है की कीसे सुना नही सकते
ऑख के ऑसु दिखा नही सकते बस
चहेरे पे मुसकान लिये चलते है
वरना ऑख के ऑसु ऑख से सुखा नही करते

तेरे मुसकान के लाख दिवाने हो गे
ना जा ने तेरी अदा पर कितने फिदा हो गे
अरे मुझसा ना तेरा आशिक दुनिया मे दुजा
यु तो तेरे लाख चाहने वाले हो गे

इतना पराया मत बनाओ इक जमाने मे
हम आप की मोहोबत हुवा करते थे
दुश्मनी हमसे ना निभाओ
हम आप के सबसे खास हुवा करते थे

आप की मुसकान मे कोही तो खास बात है
वरना लोग यु ही आप के लिये पागल ना होते
आप के अदा मे कुछ तो नशा है
वरना यु ही हम आप के दिवाने ना होते

सफर मे हम सफार मिल जाय
जिदगी जीने का मकसद मिल जाय
ओरो को ना ताके हम बस
तुमे ही देख ते रहजाय

बोहोत तुट चुका हु मै
जोड पाओगी क्या
मोत को गले लगा राहा हु मै
तु मुझे बचा लेगी क्या

मेरी मजबुरी को मेरी कमजोरी ना समजो
मेरे बुरे वक्त मेरी जिदगी ना समजो
खडा होऊगा मैय अपने पयरो पे दुबारा
मैय शेर हु मुझे गीदङ ना समझो

मै राजनिती मे राज करने को आया हु
ना की गुलामी के लिये
मै देश बदलने आया हु
ना की खुद को बदलने के लिये

ये दुनिया क्या कहेगी इस लिये
खुद्द को कुरबान कर लिया करते है
खुद्द के नाम के लिये
औरो का गला घोट दिया करते है

जितना दुर मुझसे तु जायेगी
उतना करिब मेरे आयेगी
मेरी मौहबत को आजमाने की कोशिश ना कर
मोत के मु से भी वापस तुझे ले आयेगी

तु महल महल मे रहता है
फिर भी रास्तो के काटो से डरता है
मै जमिफे रहता
फिर भी रास्तो काटो को चुमता

कफन ओर ही लेगे इतनी लालच क्यू
जनाजा और ही सजायेगे इतनी धगधग क्यू
छोङ जाना है सब जमीपे फिर इच इच पर झगङा क्यू
सब अपना अपना समझ ते है फिर सब पराये क्यू
शरीर पे घमङ मुझे फिर शरीर खुदा का क्यू
धरती का मालक तु फिर खुदा ऊपर क्यू
तु खुदा को ना माने तो फिर इनसा क्यू
अगर सब तेरे हातोमे है फिर ये सवाल क्यू

मजील अगर पाना है तो
रास्तो के काटो को फुल समजना होगा
जिदगी अगर जीना है तो
जिदगी को मुस्कान समजना होगा

तुझसे मोहब्बत बेपनाह हुई है
तुझे दिखाऊ कैसे
तेरे बिना दिल ना लगे तुझे समजाऊ कैसे
बस तेरी हा का इंतजार है
खुद को खुद समजाऊ कैसे

बुरा वक्त है गुजर जायेगा
तेरा भी एक दोर आयेगा
जो हस रहे है आज तुझ पर
वही तेरे कामियाबी के किस्से और को सुनाये गा

जरुरी नही आपसे बात करना
हम आपकी यादव के सहारे जी सकते है
हमारी मोहब्बत की बात कुछ ऐसी है
बिना मिले ही आपका हाल जान सकते है

अक्सर बारिश में भीगी ना जरुरी होता है
मोहब्बत में भी धोका खाना जरुरी होता है
मोहब्बत बता जाती है अपने और पराये का फरक
अपने करीब कोन है ये जाना भी जरुरी होता

शायद दोस्ती का कोई दिन नही होता
दोस्तो से ही दिन बनता है
एक दिन क्या दोस्ती के नाम करते हो
दोस्ती है इसलिये जिंदगी का हर काम बन जाता है

शायद तेरी मजबूरि या तू ही जानती है
फिर भी चेहरे पे मुस्कान सजाये रखती है
दुनिया क्या जाने तेरे दर्द की कहानी
माॅ बिना कितनी अधुरी है ये जिंदगानी

दुनिया की भीड मे अकेला महसुस कर रहा हु
मोहब्बत की यादो के सहारे जिंदगी गुजार रहा हू
जिंदगी मे की गयी गलती हो को
अब खुद्द कोस रहा हु
अब ना वो दोर आयेगा
कोही ना मुझे मिल पायेगा
बस अकेला हू मै अकेला ही रहूंगा

इतनी मतलबी दोस्ती हमसे ना करो
की काम आने पर ही हमे याद किया करो
मेरी झुटी तसली के लिये
आप याद तो हमे किया करो

ये दिवारे ये किताबे ये क्लासरूम
मेरे हसीन लम्हों की गवाही देती है
जिंदगी कैसे जी जाये
ये सिखा देती है

तेरी बे रुखी से मेरे दिल की धडकन ना रुक जा
काही तेरे इनकार से मेरा जनाजा ना सजजाये
चाहता हु बहुत तुझको
काही मेरी जिंदगी किस्सा ना बन जाय

मेरे जखमोपे मलम कोण लगाये
मेरे जनाजे पे कफन कोन सजाये
इतना अकेला हो चुका हू मै
मेरे जनाजे पे आसू कोन बहाये

तुला एकटीला सोडून नाही जाणार मी
तुझ्या जीवनातील प्रत्येक व्यथा समजून घेणारा मी
तुझ्यासोबत जीवनभर जगणार मी
पण मृत्यूच्या वेळेस मृत्यू सोबत एकटा निघेल मी

सहरे से जादा मुझे कफन पंसद है
दुलहन से जादा मुझे देश पंसद है
जो इंलजाम लगाते है मुझपर हिंसा के लिये
उनसे जाकर काहदो हिंसा से
जादा मुझे अहिंसा पसंद है

मेरे जनाजे का मंजर देखने लायक होगा
दुश्मनो के ऑखमे भी पानी होगा
जनाजे तो निकले बुहोत जमिपे
पर मेरे जनाजे मे खुदा भी शामिल होगा

कुछ लोग मेरे जनाजे की राह देख रहे है
कुछ लोग मेरे कामयाबी की भी राह देख रहे है
दुश्मन बनाये नही जाते बन जाते है
लोगो को जनाजे मे बुलाया नही जाता
आप काम्याबी अभी खुद ब खुद उने बुला लेती है

ना जाने आखरी बार कब मुस्कुराया होगा
तुझे पाने की चाहत मे क्या क्या नही किया होगा
तेरे लिये हसरते बहुत सजाई थी दिल में मगर
न जाने क्या हुआ की खुदका जलाजा खुद सजा गया

मै सुरज मुठ्ठी मे कर सकता हु
मै समंदर को चीर कर पार कर सकता हु
अगर मेरे मा बाप का सर पे हाथ हो
मै दुनिया को झुका सकता हु

मेरे महबूब के बारे में क्या लिखा जाये
मेरा महबूब जन्नत है
लोग जन्नत के लिए मरना चाहते है
मेरे पास जिते ही जी जन्नत है

तेरे सवालो से मेरे जवाब तक
मेरे आसुओ से तेरी मुस्कान तक
ईसी का नाम मोहब्बत है

जिंदगी इतने सवालों ने उलझी क्यू है तू
इन सवालों के जबाब क्यू नही देती तू
बस एक बार मेरे सवालों के जबाब देदे जिंदगी तू
हस्ते हस्ते मौत को गले लगा ले जिंदगी तू

अगर तेरा भविष्य तुझे पता चल जाये
क्या तू बदल सकता है
हातो की लकी लकीरो को किस्मत के
वजीर को क्या तो बदल सकता है
जिंदगी जीत कर मौत को हरा सकता है

जिसने मेरे थाली मे जहर परोसा वो भी मेरा दोस्त
दोस्त मुझे मारना चाहता है कुछ तो भी हो
जिंदगी में पाना चाहता है मरणा तेरे हातो से मरना नही
होगा दुनिया मे दोस्ती रिश्ता जिंदा नही रहेगा

दुनिया की बातो अफसोस मनाने में
जिंदगी बीत जाती है अपनों को मनाने मे
आज जो अपना है वो कल पराया होगा
जिंदगी है जनाब यहा कोई अपना ना होगा

जुनोनी मुझे ठुकराया है वो एक दिन पछतायेगा
मेरे कामयाबी को देख के खुद में खुद जल जायेगा
अफसूस रहेगा उसे मुझे ठुकराने का मुझे मिलने की
चाहत में बरसो तो खुद को तडपायेगा

आप की खुबीयो को कीन लब्जो मे बया मै करो
तेरी इनायत से ही तो मै जिंदा हू
दुनिया पुकारे तुझे अनेक लब्जो मे
मै देखता हु तुझे मेरे सजदे मे
कोई तुझे राम पुकारे रहीम पुकारे कबीर पुकारे
मै चाहता हु की पूरी दुनिया तुझे दुनिया पुकारे

किसे छोङा जाये और किसको पाया जाये
कोण अपना है कौन पराया है
दुनिया को दिखाई जाये
दुहेरी मोहब्बत में खुद को लुटा रहे है
सच्ची मोहब्बत का इंतजार कीया जाय

मै खुद का तमाशा खुद के हातो से दिखा रहा
सब कुछ जान कर भी अंजान बन रहा
दुनिया की बातो मे इतना उलट चुका हू
समजदार होकर भी ना समज खुद को समझ चुका हु

जितनी जिंदगी बची है
तेरे नाम करना चाहता हु
एक मोका दे करतो देख
जिंदगी भर मोहब्बत तुझसे करना चाहता हु

मोहब्बत पाने के लिए पूरी दुनिया उस पे नीचावर करतो
उसे मिलने के लिए दुनिया को गुमशुदा कर दु
जिंदगी जीना चाहता हु उसके साथ
वर्णा मौत को बुला के जिंदगी का किस्सा खतम करदु

कितने दर्द सहन कर क र्जिंदगी को जी रहा हू
खुद के आसू छुपाकर ओरो के चेहरे के मुस्कान सजा रहा हु
ओरो की खुशी के लिये खुद को कुर्बान कर रहा हु
जिंदगी को खुदा के वसुलो से जी रहा हु

तुझे पाना नही
तुझे जीना चाहता हु
तुझे शिकाना नाही
तुझ से शिकना चाहता हु
ओरोके लिये समजदार है हम
तेरे सात नादान बन कर रहाना चाहता हु

मै खुद को मिटा कर भी तुझे पाना चाहता हु
अगर खुदा सवाल करे मुझसे की तेरा कोन
अपना है मै तुझे ही दिखाना चाहता हु

मोहब्बत कर बैठे हम ऐसे हस्ती से दुश्मनी पुरानी हमारी उ बत्ती मे
पाना उसे इतना आसान भी नही
उसके बिना जिंदगी जीना ये मेरे ख्वाब मे भी नही

मैने गिरते हुए को उठकर सवरते हुए दिखाए
अपनो की बरबादी अपनो को लिखते हुवे देखा है
कामयाबिके नशे मे मैने इन्सानियत मरते हुए ते हुए देखा है
मैने लोगो को खुद को खुदा समजते हुए देखा है
मैने जिंदा लोगो को पानी की बुलंद ना पिलाते है देखा है
और मुर्दे को गुलाब के फुलो मे नहाते हुए देखा

कुछ कहना चाहते है हम आप से
दिल कहने इजाजत दे राहा है
दिमाग रुक जाने की सला
रुका जाय या कहा जाय
या युही समय पर छौङ दिया जाय

प्यार हुआ है इजार अभी बाकी है
मिलला है पर चुमना अभी बाकी है
सात निभाना है पर शादी अभी बाकी है
तेरे सात मरना है पर जीना अभी बाकी है

परायो से क्या शिकवा करे अकसर
करिभी ही पीट मे खंजय घोपा करते है
दुश्मनो से क्या उमीद करे अकसर
बरबादी पे अपने ही हसा करते है

मै जिदगी मे दुआये कमाने आया हु
अपनो की शाहिदी देने आया हु
खुद को लुटा कर ओरोको बनाने आया हु
क्युकी मै जिदगी मे सच का सात निभाने आया हु

दुश्मनो को दर्द का गुनेगार ना समजा करो
दर्द तो मोहोबत करने वाले दिया करते है
परायो से शिकवा क्या करना
असर प्यार करने वाले ही पराया किया करते है

संमदर सब पचा लेता है पर
सुनामी मे सब बहा ले जाता है

यु फीजुल की बातो मे जिंदगी को ना गवावो
जिंदगी को जिंदगी के मकसद तक पहुचावो

मै खुद को खुदा समजने लगा था
पर मुझमे मे खुदाई ना थी
मै उसको बे वफा समज रा था
पर उसे हमसे वफा ना थी

पुरी दुनिया की सुने वाला उसकी भी कोही सुन ले
औरो की मदत करने वाला उसकी भी कोही मदत करदे

हाल येसे है की कीसे सुना नही सकते
ऑख के ऑसु दिखा नही सकते बस
चहेरे पे मुसकान लिये चलते है
वरना ऑख के ऑसु ऑख से सुखा नही करते

सफर मे हम सफार मिल जाय
जिदगी जीने का मकसद मिल जाय
ओरो को ना ताके हम बस
तुमे ही देख ते रहजाय

बोहोत तुट चुका हु मै
जोड पाओगी क्या
मोत को गले लगा राहा हु मै
तु मुझे बचा लेगी क्या

मेरी मजबुरी को मेरी कमजोरी ना समजो
मेरे बुरे वक्त मेरी जिदगी ना समजो
खडा होऊगा मैय अपने पयरो पे दुबारा
मैय शेर हु मुझे गीदङ ना समझो

ये दुनिया क्या कहेगी इस लिये
खुद्द को कुरबान कर लिया करते है
खुद्द के नाम के लिये
औरो का गला घोट दिया करते है

जितना दुर मुझसे तु जायेगी
उतना करिब मेरे आयेगी
मेरी मौहबत को आजमाने की कोशिश ना कर
मोत के मु से भी वापस तुझे ले आयेगी

तु महल महल मे रहता है
फिर भी रास्तो के काटो से डरता है
मै जमिफे रहता
फिर भी रास्तो काटो को चुमता

मजील अगर पाना है तो
रास्तो के काटो को फुल समजना होगा
जिदगी अगर जीना है तो
जिदगी को मुस्कान समजना होगा

तुझसे मोहब्बत बेपनाह हुई है
तुझे दिखाऊ कैसे
तेरे बिना दिल ना लगे तुझे समजाऊ कैसे
बस तेरी हा का इंतजार है
खुद को खुद समजाऊ कैसे

अक्सर बारिश में भीगी ना जरुरी होता है
मोहब्बत में भी धोका खाना जरुरी होता है
मोहब्बत बता जाती है अपने और पराये का फरक
अपने करीब कोन है ये जाना भी जरुरी होता

शायद दोस्ती का कोई दिन नही होता
दोस्तो से ही दिन बनता है
एक दिन क्या दोस्ती के नाम करते हो
दोस्ती है इसलिये जिंदगी का हर काम बन जाता है

शायद तेरी मजबूरि या तू ही जानती है
फिर भी चेहरे पे मुस्कान सजाये रखती है
दुनिया क्या जाने तेरे दर्द की कहानी
माॅ बिना कितनी अधुरी है ये जिंदगानी

इतनी मतलबी दोस्ती हमसे ना करो
की काम आने पर ही हमे याद किया करो
मेरी झुटी तसली के लिये
आप याद तो हमे किया करो

तेरी बे रुखी से मेरे दिल की धडकन ना रुक जा
काही तेरे इनकार से मेरा जनाजा ना सजजाये
चाहता हु बहुत तुझको
काही मेरी जिंदगी किस्सा ना बन जाय

For More – www.onlineblogs.in

बेहतरीन – हिंदी – शायरी – onlineblogs.com

Related Post